Friday, May 27, 2016

इश्क़ की किताबो मे बसी एक दुनिया

तुम कभी किताबो की दुनिया मे गए हो । हा हा सही सुना है तुमने किताबो की दुनिया । अरे भई ऐसे का देख रहे हो । तुम्हे किताबो की दुनिया के बारे मे नही पता क्या ?
 
  चलो कोइ बात नही हम बता देते है । तो सुनो
 हर किताब मे अपनी एक दुनिया बसी होती है बहुत खूबसूरत दुनिया वहा किताब के सारे किरदार रहते है

 मेरे पास बहुत सी किताबे है और उस हर किताब मे एक दुनिया बंद है ।  मै बहुत बार उन किताबो की दुनिया मे घूम कर आई हू बहुत मजा आता है  । पर सबसे जादा मजा आता है । इश्क़ की किताबो मे बसी दुनिया मे । हा इश्क़ की किताबो मे बसी दुनिया । ये दुनिया बाकी सारी किताबो की दुनिया मे सबसे जादा सुन्दर दुनिया होती है । तुम्हे पता है इस दुनिया मे रहने वाले किरदारों का कोई जात धर्म भी नही होता वो तो बस इश्क़ को अपना खुदा मानकर उसे ही पूजते है ।और इश्क़ की दुनिया के ये किरदार सबसे सुंदर होते है । क्या तुम जानते हो ये किरदार सबसे जादा सुन्दर क्यों होते है ?
अरे पागल इतना भी नही पता ये किरदार सबसे जादा सुंदर इसलिए होते है क्योकि ये इश्क़ की मिट्टी से बने होते है । वो मिट्टी सफेद पारदर्शी सी होती है । और इस मिट्टी से बने ये किरदार ऐसे होते है की एक बार मिल लो तुम इनसे तो मुझे छोड़ इनसे इश्क़ कर बैठोगे । पर ये किरदार जितने प्यारे होते है कोई बार उतने ही खतरनाक भी हो जाते है अगर कोई गलती से भी इनके इश्क़ के बीच मे आ जाये तो एक दम जान लेने पर उतारू हो जाते है ।



तुम्हे पता है एक बार मै इस दुनिया मे एक लड़की से मिली थी । वो दिखने मे बहुत सुंदर थी एकदम बर्फ सी सफेद उसकी आँखे नीली थी पर उसकी आखो मे एक अजीब सी उदासी थी । मैंने उससे बहुत सी बाते की उसने मुझे अपनी दुनिया दिखाई । मैंने उससे उसकी आँखो की उदासी का कारण पूछा ।

उसने मुझे उस लड़के के बारे मे बताया वो लड़का जो उसके घर के पास रहा करता था  । जिससे वो इश्क़ करती थी । पर एक दिन वो लड़का उसे छोड़ कर चला गया । क्यो चला गया ? कहा चला गया ?
वो खुद नही जानती थी। कितनी कोशिशे की उस लड़की ने लड़के का पता लगाने की उसने बहुत से खत भी लिखे थे लड़के के रिश्तेदार और दोस्तो को की वो लड़के का पता लागए। पर किसी ने भी उसके खत का जवाब नही दिया था ।



क्योकि उन लोगो को लगता है कि लड़की पागल है । लड़का बहुत पहले ही इस दुनिया से ज चुका है पर लड़की उनकी इस बात को नही मानती । वो अब भी उन्हें खत लिखती है और लड़के को ढूंढने को कहती है । उसे लगता है की लड़का कही खो गया है । किसी ऐसी जगह चला गया है । जहा से उसे वापस आने का रास्ता नही मिल पा रहा है पर जो भी हो एक दिन वो वापस आने का रास्ता ढूढ़ ही लेगा । और फिर हमेशा ले लिए लड़की के साथ ही रहेगा वो दोनो मिलकर अपनी इश्क़ की एक छोटी सी दुनिया बसायेंगे और तब सबको यकीन भी हो जायेगा की लड़का किसी दूसरी दुनिया मे नही गया था। और वो शायद तब लड़की को पागल कहना भी बंद कर देंगे ।


ए क्या हुआ मै इतनी देर से तुम्हे इश्क़ की किताबो की दुनिया के बारे मे बता रही हू । उस नीली आँखो वाली लड़की और उसके प्यार के बारे मे बता रही हू और तुम हो कि कुछ कह ही नही रहे हो बस मुझे यूही देखे जा रहे हो ।
अरे मै सच कह रही हू कोई झूठी कहानी नही सुना रही हू ।कि तुम मजे लेकर सुन रहे हो ।

  क्या क्या कहा तुमने कि तुमने भी इश्क़ की किताबे पढ़ी है । पर तुम्हे उसमे कोई दुनिया नही दिखी ।


अरे पागल लड़के इश्क़ की किताबो मे बसी दुनिया मे जाने के लिये किताबो मे से शब्दों को पढ़ने की जरूरत नही होती बल्कि उसमे बसे एहसासों को जीने की जरूरत होती है

 समझे बुद्धू लड़के

Thursday, May 26, 2016

कुछ लम्हे प्यार भरे ......

आज सुबह morning walk से लौटते समय यू ही चाय पीने का मन हुआ ।तो पार्क के सामने
बने टी स्टोल पर रुक गईअभी वहा जाकर खड़ी ही हुई थी की वही साइड में रखी बेंच पर एक लड़का और लड़की को बैठे देखा। उम्र कोई जादा नहीं 14-15 साल होगी दोनों की ।दोनों के पास स्कूल बैग भी था।
   दोनो चाय पी रहे थे। चाय पीते पीते लड़की बार बार लड़के से कह रही थी।कि जल्दी चाय पीयो कोचिंग को देर हो जायगी जल्दी चलो न प्लीज़ । हा हा चाय पीकर चलते है लड़के ने बस इतना ही कहा और चाय पीने लगा । लड़की ने अब एक नजर अपनी कलाई पर बंधी घड़ी पर डाली और इस बार चिल्ला कर बोली जल्दी चलो देर हो रही है । पर इस बार लड़के ने कोई जवाब नहीं दिया मानो लड़के को उसकी बातो से शायद कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा था वो अब भी खुद में मगन होकर मजे से अपनी चाय पी रहा । लड़के को इस तरह खुद में मगन हुए देख कर लड़की गुस्सा होकर जाने लगी ।लड़के ने उसे रुकने के लिए कहा पर वो नहीं रुकी और उसे जाता देख कर लडका भी उसके पीछे पीछे चला गया।


कुछ देर बाद मै भी घर आ गई ।घर आने के बाद भी मै उन दोनों के बारे में ही सोच रही थी जाने क्यों पर उनका ख्याल दिल से जा ही नहीं रहा था।शायद इसलिये नहीं भुला पा रही थी क्योकि आज बरसो बाद उन्होंने मुझे तुम्हारी याद दिलायी थी । तुम्हारे साथ बिताये कुछ लम्हों की याद दिलाई थी । वो लम्हे शायद जो मै कभी नही भूल सकती वो लम्हे जो हमेशा मेरे लिये खास है ।

तुम्हे तो शायद याद भी न होगे वो लम्हे वो बाते जो हम कोचिंग से लौटते वक़्त किया करते थे । तुम्हे तो शायद मै भी याद न हू।पर पता नहीं क्यों मै कभी नहीं भुला पाई तुम्हे । आज भी कुछ चीजे मुझे तुम्हारी याद दिलाती है जैसे - सुबह सुबह सुनसान सड़को पर तुम्हारा हाथ थामे कोचिंग जाना । हा मुझे आजभी याद है । तुम्हे जरा भी पसंद नहीं था । सुबह सुबह ठण्ड में जल्दी उठना कोचिंग जाना तुम तो हमेशा मुझ से कहते थे की कोचिंग का टाइम शाम का रखते है । पर मै थी की मानती ही नहीं थी ।क्योकि सर्दियों का मौसम मुझे हमेशा से बेहद पसंद था। और इस ठंड में सुनसान सड़को पर तुम्हारा हाथ थामे कोचिंग जानामुझे सबसे अच्छा लगता था ।और फिर रोज कोचिंगसे लौटते समय तुम से जिद करना की मुझे रहीम चाचा के टी स्टोल पर जाकर चाय पीनी है । और तुम रोज मुझे मना करते की मै किसी और टी स्टोल से चाय पी लू क्योकि रहीम चाचा का टी स्टोल हमारी कोचिंग से थोडा दूर था। पर मै जिद पर अड़ जाती की मुझे वाही से चाय पीनी है और कई बार तो मै तुम से कह भी देती मेरे साथ चलना है तो चलो वर्ना मै अकेली चली जाउगी । मै तुम्हे कह तो देती की अकेले चली जाऊगी पर जानती थी शायद की कुछ भी हो जाये तुम मुझे कभी अकेले छोड़कर नहीं जाउगे । तुम मुझे कितना ही मना कर लो मुझसे कितनी जिद कर लो परआखिर में मेरी बात मानकर तुम्हे मेरे साथ आना ही पड़ता था ।

आज सोचती हू की काश तब की तरह आज भी तुम मेरे साथ होते । पर शायद जिंदगी हमेशा एक सी नहीं रहती वक़्त एक सा नहीं रहता वो कच्ची उम्र का रिश्ता उस उम्र के साथ ही कही पीछे छुट गया ।और आज कुछ बचा है तो वो है यादे उस प्यार भरे लम्हे की यादे जो हमेशा साथ रहेगी मेरे । और जो हमेशा तुम्हारे होने का एहसास दिलायगी ।